नमस्कार मैं हिमांशु वर्मा कुछ अनुभव और पीड़ा आपसे बाटना चाह रहा हु हो सकता है मेरी पीड़ा में आपको अपनत्व का भाव आजाये इसलिए आप सब से साझा करना उचित समझा ।
कल मेने एक राजनेता का शाक्षात्कार देखा जिसको देख कर अनायास ही अश्रु प्रवाहित होने लगे , आमतोर पर ऐसा नही होता है पर कल हुआ और होना भी चाहिये क्योंकि वो राजनेता कोई और नही मेरे गुरु कविराज डॉ कुमार विश्वास ही थे । कल में उस वीडियो को देखने के बाद प्रतिक्रिया देने के लायक नही रहा था आज भी उसी वेदना के साथ अनुभव आप तक पहुचा रहा हु , सच मानो मुझे जीवन में इतनी तीक्ष्ण पीड़ा कभी ना हुई जो कल से गुरुजी के भावुक हो जाने से हो रही है , इस एहसास को शब्दों में बयां करना मुश्किल हो रहा है मुझे और में जानता हूं मेरी ही तरह ओर भी उनके शिष्य होंगे जिन्हें वो देखकर बहुत बुरा लगा होगा क्योंकि हमने कभी गुरुजी को इस तरह से भावुक होते नही देखा जिस तरह कल देखा था हमेशा हमारे दिल मे उनकी मुस्कराते हुई ही तस्वीर समाई हुई है , इसलिए कल वो दृश्य बहुत घर कर गया मुझे । गुरुजी हम आपके साथ है बस एक बार आप हमें आवाज दिजीये हम नतमस्तक हो कर आपके आगे खड़े होंगे कोई विपत्ति आने पर , गुरुजी आपको दुःख पहुचाने की चेष्ठा करने वालो को मेरे रोष से सामना करना होगा । परन्तु गुरुजी आप से हमने हमेशा बहुत कुछ सिखा है और आपका शिष्य कभी कोई अनुचित कार्य नही करेगा यह आपकी ही शिक्षा है परन्तु जब बात भारत माँ , माँ और आप के बारे में कोई अनुचित बात करेगा तो असहनीय होगा मेरे लिए और उसे हमारे क्रोध का सामना करना होगा। गुरुजी आपको दण्डवत प्रणाम। आपका एकलव हिमांशु वर्मा ---{ हिम }-----
Tuesday, 2 May 2017
We the nation
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